सोमवार, 26 सितंबर 2022

सितंबर 26, 2022

सत्सात्कार और शुरुआत Interview ang Beginning Part 1

16 अगस्त 2022  आज वो दिन है, जिस दिन सत्सात्कार ( Interview ) तय हुआ था | हम 15 अगस्त अर्थात  भारत के आजादी का दिन को हम ने रात की बस को पकडी  थी | इस बस की यात्रा काफी अच्छी रही थी, बस ने हमें सुबह जल्दी जयपुर के बस स्टेशन सिंधीकैम्प उतारा | उस समय लगभग 7 बजे थे | सत्सात्कार का समय 10 से शाम 4 बजे के मध्य था। उसके हिसाब से हैम बहुत जल्दी पहुच गए थे। तब हमने चंदपोल जाने का फैसला किया। चंदपोल में हमारे समाज की धर्मशाला है। जिसका नाम अग्रवाल सेवा सदन है। हम वहाँ गए और हमने वहाँ एक कमरा लिया। वहाँ हम कुछ समय के लिए सो गए। 10 बजे हम उठे नाहा धोकर तैयार हुए। चंदपोल में चाय और समोसे का नाश्ता किया। चंदपोल प्राचीन जयपुर है, जिसे यहाँ के लोग असली जयपुर कहते है। नाश्ता करने के हम चंदपोल के मेट्रो स्टेशन गए। वहाँ हमने ऑफिस का पता बताकर पूछा हमे कौनसे स्टेशन पहुँचना सही रहेगा। तब लोगों ने हमे सलाह दी कि श्याम-नगर-मेट्रो-स्टेशन जाकर रिक्शा पकड़ने के लिए। हमने वैसा ही किया हम मेट्रो में गए मेट्रो में हमारा 13 रुपये प्रति व्यक्ति टिकट लगा। श्याम नगर पहुँचने तक बूंदाबारी शुरू हो गई। यह एक और समस्या थी। हमने श्याम नगर से रिक्शा लिया रिक्शा वाले ने हमसे 150 रुपये लिए। रिक्सा वाले को पता खोजने में काफी समस्या हुई। जयपुर के लोग मदद करने में कम भरोशा रखते है। वो लोगो की मदद नहीं करते है। करीब 1 घण्टे के खोज-बिन के बाद हमें वह स्थान मिला। बरसात काफी तेज थी। आफिस में  एंटरी करवाकर मैने रिसेप्शन पर पर बोला। रिसेप्शन से सत्सात्कार तक जाने में 2 घण्टे का समय लग गया। सत्सात्कार के लिए शेवता मैडम रिसेप्शन पर आई थी। मैडम वहीं थी, जिनका फोन आया था। मैडम मुझे ऊपर वाले डिवीजन में ले गए। वाह मुझे हेमंत और आशीष सर मिले। उन्होंने मेरा सत्सात्कार लिया। सत्सात्कार काफी अच्छा गया था। ये मेरा पहला सत्सात्कार था। फिर लिफ्ट के नीचे आते हुए हेमंत सर ने मुझे बताया कि फोन पर उन्होंने ही मेरा सत्सात्कार लिया था। 


इंटरव्यू के बाद जोइनिंग होना बाकी था। मैडम ने मुझे बताया था कि अभी काफी समय लग जाएगा। ऐसे में हमें PG खोजना था। 

रविवार, 11 सितंबर 2022

सितंबर 11, 2022

कहानी की शुरुआत || Story Begain

इस कहानी की  शुरुआत 10 अगस्त 2022  से होती है | मै अपने घर पर आराम कर राह था |  उसी समय मुझे एक  फ़ोन आया | यह फ़ोन मुझे राजस्थान की राजधानी जयपुर से किसी Game Developer कम्पनी का फ़ोन आया | में लगभग 1 साल 6  महीने से किसी  Game Developer कम्पनी में काम करने के लिए प्रयास कर रहा था | हांलाकि यह कम्पनी मेरा पहला अनुभव नहीं होने वाला था | मैने इससे पहले भी एक मुंबई की कम्पनी में काम किया था | इसके बावजूद भी मै  इसे अपना पहला अनुभव क्यों है, इसके बारे में मैं  आगे के किसी ब्लॉग में बताऊंगा | अभी के लिए  यही मेरा पहला अनुभव है |
 




मुझे इस कम्पनी का फोन कैसे आया यह तो मै भी नहीं जनता हूँ | क्योंकि इस समय के आसपास  मैने किसी  कम्पनी में अप्लाई नहीं किया था, और अगर  किया भी था तो मुझे पता नहीं है | इसका कारण यह नहीं है की मै  इस बलाग को एक महीने बाद लिख रहा हूँ  | मुझे सच में नहीं पता मैने  कैसे अप्लाई किया | शायद मैने  लिंकडन की सहायता ली होगी | अब आगे कम्पनी ने मुझे इंटरव्यू के लिए फोन किया |  इंटरव्यू में मुझसे मेडम ने बात की उन्होंने ने कहा की वो शाम 5 बजे मेरा इंटरव्यू करवाएगी | उस समय लगभग 2 बजे थे | शाम 5 बजने में कुछ समय शेष था तब पापा ने मुझे उनके साथ चलने के लिए कहाँ |  तब मैने इस बात को पापा को बताया | पापा इंतजार के लिए तैयार हो गए | इंटरव्यू का समय आया | इंटरव्यू Google Meet पर होना था | उस समय बरसाती मौसम होने के कारण इंटरनेट आना बंद हो गया | तब मैने उन मेडम को दुबारा फोन किया परन्तु उनका फोन नहीं लगा | तब मैने उन्हें What's app  से मैसेज भेजा | What's app पर मेसेज भेजने के लिए मोबाइल फ़ोन नंबर सेव होना आवश्यक है | जिस कारण मैने  उनका नाम X लिखकर सेव कर  दिया | फिर लगभग 15 मिनट बाद किसी भैया का फोन आया उन्होंने मेरा इंटरव्यू लिया |  इंटरव्यू बहुत अच्छा नहीं गया था, परन्तु ठीक-ठाक  था | इन सब के बावजूद भी मुझे समझ नहीं आ रहा था की ये मेडम इस कम्पनी में कार्यरत है या कोई मध्यस्त है | मध्यस्त अथात वो व्यक्ति वो नौकरी दिलाने के लिए बिच में पैसे लेते है | लगभग साढ़े 6 बजे उन्ही मेडम का फोन आया उन्होंने इंटरव्यू के लिए जयपुर आने लिए कहा | तब मेने उनका नाम पूछा उन्होंने अपना नाम श्वेता बताया | उन्होंने कहाँ की आप 12 तारीख को जयपुर आ सकते है| तब मैने मना कर दिया | क्योंकि 13 तारीख को रक्षाबंधन था | तब उन्होंने मेरा इंटरव्यू 13 के स्थान पर 16 को कर दिया |      

शाम को मैने यह पूरी बात अपने परिवार को बता दी| पहले तो मेरा और पापा का ही जाने का था, परन्तु  19 तारीख को जन्मास्टमी थी, मम्मी भी 2 साल से गोकुल मथुरा गुमने चलने का कह रही थी | तब हम सब ने इंटरव्यू देकर जन्मास्टमी के दिन गोकुल मथुरा गुमने की योजना बनाई |       

About

मेरा नाम प्रफुल्ल अग्रवाल (B Com/ BCA) है। मैं एक Game निर्माता एवं एक youtuber हूँ। मुझे लिखना और चीजों को समझना पसंद है। जिस कारण मैंने इस Blog की शुरुआत की।